Saturday, March 16, 2024

Re: इतवारी पहेली: 2024/03/10



On Sun, Mar 10, 2024 at 4:55 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


फूल सी है या %# ## #?

या शिव के हाथ ## ### #?


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 17 मार्च 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 10  मार्च 2024 । सिएटल 



Sunday, March 10, 2024

इतवारी पहेली: 2024/03/10


इतवारी पहेली:


फूल सी है या %# ## #?

या शिव के हाथ ## ### #?


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 17 मार्च 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 10  मार्च 2024 । सिएटल 



Re: इतवारी पहेली: 2024/03/03



On Sat, Mar 2, 2024 at 9:25 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


दही के लिए न हो तुम्हारे पास ### '##

चले जाओ दावत-ए-अम्बानी #####


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 3 मार्च 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 10  मार्च 2024 । सिएटल 



Saturday, March 9, 2024

कली है लेकिन मुरझा रही है

कली है लेकिन मुरझा रही है 

ज़िन्दगी आज उसे तड़पा रही है 


जो हँसते-हँसाते बताती थी दुख भी

आज ग़मों को पहाड़ बतला रही है 


वो खूँटे से बंध के चाहती थी उड़ना 

कहाँ हुई गलती, न समझ पा रही है


बावजूद इसके, व्यवहार कुशल है

कैसा हूँ मैं मुझसे पूछे जा रही है


चरित्र उसका ऐसा कि सदके मैं जाऊँ 

शरतचन्द्र की नायिका नज़र आ रही है 


राहुल उपाध्याय । 9 मार्च 2024 । सिएटल 






Thursday, March 7, 2024

लापता लेडीज़ - समीक्षा

विप्लव दास की मज़ेदार कहानी पर आधारित 'लापता लेडीज़' बहुत ही बढ़िया फ़िल्म है। किरण राव के निर्देशन ने और रवि किशन के अभिनय ने फ़िल्म में चार चाँद लगा दिए हैं। एक अच्छी फ़िल्म में जो सब होना चाहिए वह सब इसमें है। यह फिल्म ऋषि मुखर्जी और श्याम बेनेगल दोनों की याद दिलाती है। 


कहानी घिसीपिटी नहीं है। एकदम ताज़गी लिए हुए है। इसमें ऑर्गेनिक फॉर्मिंग भी है और पर्दा प्रथा भी है। सेल फ़ोन भी है और घर में भैंस भी है। और सब सहज रूप से है। कोई मेलोड्रामा नहीं। 


सारे किरदार अच्छी तरह से उकेरे गए हैं। 


गीत-संगीत ख़ास नहीं है। 


फ़िल्म के तीन या तीन से ज़्यादा अंत हो सकते थे। जो अंत दिखाया गया वह असलियत के क़रीब है। जो दिखाना चाहिए था वह आशावादी होता। 


खैर। जैसे सारे इंसान एक जैसे नहीं होते। वैसे नारियाँ भी एक जैसी नहीं होती हैं। शायद कुछ नारियों को इस फिल्म से प्रेरणा मिले। जीवन कुछ सुधरे। 


राहुल उपाध्याय । 7 मार्च 2024 । सिएटल 


Saturday, March 2, 2024

Re: इतवारी पहेली: 2024/02/25



On Sat, Feb 24, 2024 at 9:14 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


जब भी जाओ कहीं ## ## #

बच के रहना अपनी #%## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 3 मार्च 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 25 फ़रवरी 2024 । सिएटल 



इतवारी पहेली: 2024/03/03


इतवारी पहेली:


दही के लिए न हो तुम्हारे पास ### '##

चले जाओ दावत-ए-अम्बानी #####


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 3 मार्च 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 10  मार्च 2024 । सिएटल