Monday, June 10, 2024

कि चार सौ पार होता

ये न थी हमारी क़िस्मत 

कि चार सौ पार होता

यदि और चरण होते

यही इंतज़ार होता


वो ज़माने भर के झंझट 

वो बेरोज़गारी सारी

कहाँ आज हमको डँसतीं

यदि चार सौ पार होता


यूँ बुझे-बुझे न होते

दबे स्वर न आज होते

विजयी हो के भी हमको

नतीजा न नागवार होता


क्यूँ बदल गई ये दुनिया 

गई हाथ से अयोध्या 

जिसे पप्पू दुनिया कहती

न वो धारदार होता


न नीतिश की बाँह पकड़ते 

न नायडू से बात करते

अपनी ही राह चलते

न कोई दावेदार होता


राहुल उपाध्याय । 10 जून 2024 । सिएटल 




Saturday, June 8, 2024

इतवारी पहेली: 2024/06/09


इतवारी पहेली:


इस सत्र में सुंदर योजनाएँ ## ##

ख़ुश हैं बहुत विमलाएँ और ####


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 16 जून 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 9 जून 2024 । सिएटल 



Re: इतवारी पहेली: 2024/06/02



On Sat, Jun 1, 2024 at 9:38 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


चटोरे का %## #%# #

ढूँढता रहता %##%# #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 9 जून 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 2 जून 2024 । सिएटल 



Saturday, June 1, 2024

इतवारी पहेली: 2024/06/02


इतवारी पहेली:


चटोरे का %## #%# #

ढूँढता रहता %##%# #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 9 जून 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 2 जून 2024 । सिएटल 



Re: इतवारी पहेली: 2024/05/26



On Sat, Jun 1, 2024 at 9:37 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली: 2024/05/26

Re: इतवारी पहेली: 2024/05/19



On Sat, May 18, 2024 at 9:50 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


जितना नहीं निकाला # ## #

निकाल लिया तेल ### #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 26 मई 2024 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 19 मई 2024 । सिएटल