Tuesday, February 12, 2008

पहेली 14


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

500-600 साल से ज्यादा पुराना नहीं
दुनिया में किसी से इसका याराना नहीं

फिर भी यहीं बस जाने के ख्वाब सजाते हैं लोग
सारे जहां के हर कोने में इसके गुण गाते हैं लोग

हज़ार अवगुण गिनाते हैं जो
देर सबेर यहीं बस जाते हैं वो

किन खयालों में आप खो गए जनाब?
जल्दी बताइए इस पहेली का जवाब
कह दे अगर इसका हल आता नहीं
सच कहने से तो मैं घबराता नहीं
यहां आ कर ही पूरे हुए जो कभी देखे थे ख्वाब
जब से मुझे मिली (अ) मेरी कार (ब) मेरी जाँब

[इस पहेली का हल अंतिम पंक्ति में छुपा हुआ है। ध्यान से देखे तो साफ़ नज़र आ जाएगा। उदाहरण के तौर पर देखे 'पहेली 1'. आप चाहे तो इसका हल comments द्वारा यहां लिख दे। या फिर मुझे email कर दे इस पते पर - upadhyaya@yahoo.com ]

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2 comments:

Technical Dispositions said...

haha rahul ji that was very simple.
America is answer

संजय शर्मा said...

इसी ने किया है आज हम सब को अपने घर से दूर
रहुल जी, आपने भी लिखीं हैं कविताऐं इस पर भरपूर