मोहब्बत की डगर मुश्किल
मोहब्बत करके देखेंगे
भले ही दूर हो मंज़िल
मोहब्बत करके देखेंगे
तुम्हारी करके हम तारीफ़
तुम्हारा दिल जीत ही लेंगे
कभी तुम आओ तो ग़ाफ़िल
मोहब्बत करके देखेंगे
नफ़रतों के दौर में ऐ दिल
सुना तू गीत मोहब्बत के
कभी तो पिघलेंगे संग दिल
मोहब्बत करके देखेंगे
तुम्हें भी हो लगाव हमसे
कहाँ तक ये मुनासिब है
अगरचे हम नहीं क़ाबिल
मोहब्बत करके देखेंगे
कहाँ तुमने कहा हमसे
कि हमसे मिल नहीं सकते
यही तो है मेरा हासिल
मोहब्बत करके देखेंगे
राहुल उपाध्याय । 14 जून 2026 । सिएटल

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