साइकिल चला रही है,
ईंधन बचा रही है
खटना ही जिंदगी है,
खटती ही जा रही है
देखो पी-एम
गए विदेश
लेकर के साथ मेलोडी
देखेगा कौन
पूछेगा कौन
जनता के दुख दर्द की
मरती है रोज़ थोक में
मरती ही जा रही है
आगे चुनाव
पीछे चुनाव
हर रोज़ चुनाव-चुनाव
इसको खैरात,
उसको खैरात,
हर तरफ़ खैरात-खैरात
सट्टा लगा रही है
सत्ता बचा रही है
आए पी-एम
गए पी-एम
ऐसे नहीं है देखे
सर पे है ताज
हाथ में है माइक
गड़ते हैं झूठे क़िस्से
सुनती वो जा रही है
सुनती ही जा रही है
राहुल उपाध्याय । 14 जून 2026 । सिएटल

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