Saturday, August 19, 2023

इतवारी पहेली: 2023/08/20


इतवारी पहेली:


मरूस्थल में बरसे ## #

गुलज़ार की बेटी है ###


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 27 अगस्त 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 20 अगस्त 2023 । सिएटल 




Re: इतवारी पहेली: 2023/08/13



On Sat, Aug 12, 2023 at 11:23 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


तुम नहीं, मैं हूँ पसीने में %## ##

तुम्हें गर्मी ही नहीं लगती %####


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 20 अगस्त 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 13 अगस्त 2023 । सिएटल 




Thursday, August 17, 2023

मैं तुम्हें नापता हूँ ऐसे

मैं तुम्हें नापता हूँ ऐसे

लेने वाला कोई 

ले रहा हो कुर्सियाँ जैसे 


घर लाऊँ अगर तुमको क्या हो

कहीं दिल ना दुखे 

कि ले आया मैं किसको कहाँ से


है बैठक बिन कुर्सी अधूरी

पर आए न फिट 

पछताऊँ न इसको मैं पा के


कैसे कर लूँ मैं इस पे भरोसा 

कल को बदले अगर

रंग पीले से हो जाए भूरा


राहुल उपाध्याय । 16 अगस्त 2023 । सिएटल 

Wednesday, August 16, 2023

बढ़ी भूख है, बढ़ी प्यास है

बढ़ी भूख है, बढ़ी प्यास है 

मेरी ज़िंदगी बिंदास है 


जो चला गया, सो चला गया 

जो रह गया वो ख़ास है 


न है बुत कोई, न है बंदगी 

बस हास है, परिहास है


सब दोस्त हैं, सब यार हैं 

न है बॉस कोई, न दास है


ज़िम्मेदारियाँ सब पूर्ण हुईं

इक जीत का अहसास है


मेरी जीत ही मेरी हार है

ये सच नहीं, बकवास है 


दूर हुए सारे चोंचलें 

मेरी सादगी मेरे पास है


जो भी हो रहा सब ठीक है 

मेरे मन को ये विश्वास है


राहुल उपाध्याय । 16 अगस्त 2023 । सिएटल 



Monday, August 14, 2023

अगर दिल किसी से लगाया न होता

अगर दिल किसी से लगाया न होता 

दोज़ख़ से खुद को बचाया न होता


सदा साथ रहते, आता न दूजा

जो तुमने हमको नचाया न होता


सभी ग़म सहते, उफ़ तक न करते

जो इलज़ाम झूठा लगाया न होता


थोड़ी आग रहती तो सहते ही रहते

जो प्रेम का दीपक बुझाया न होता


राहुल उपाध्याय । 14 अगस्त 2023 । सिएटल 






Saturday, August 12, 2023

Re: इतवारी पहेली: 2023/08/06



On Sat, Aug 5, 2023 at 11:58 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


इतना ना अकड़ ### 

किसी के तो छू ## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 13 अगस्त 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 6 अगस्त 2023 । सिएटल 




इतवारी पहेली: 2023/08/13


इतवारी पहेली:


तुम नहीं, मैं हूँ पसीने में %## ##

तुम्हें गर्मी ही नहीं लगती %####


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 20 अगस्त 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 13 अगस्त 2023 । सिएटल