Sunday, September 13, 2026

चाँदनी

चाँदनी रात भर क्यों लुभाती रही  

गीत प्रेम के मुझको सुनाती रही

 

राज़ की बात कोई मैं करता नहीं 

राज़ अपने वो मुझको बताती रही 


कह दिया था जिसे लौट जा बेवफ़ा

आके चरणों में वो शीश नवाती रही


जानता मैं नहीं क्या है मन में उधर 

रह-रह के यही बात सताती रही 


क्या करुँ, क्या नहीं, सोचता रह गया 

प्यार में शक़ की बू क्यों आती रही 


राहुल उपाध्याय । 13 सितम्बर 2026 । सिएटल 




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