Sunday, September 20, 2026

चाँद

आज रात चाँद सीटी बजाता मिला

गली के उस मोड़ पर

जहाँ मेरा जाना मना था

पता चला वह भी उसे देख रही थी 

खिड़कियों से इशारे कर रही थी 

मैं तो जल-भुन के राख हो गया 

सुना कि उसने रात भर खिड़की भी नहीं बंद की


इश्क़ की दीवानगी 

मेरी जानिब होती

तो कुछ और ही बात होती 


राहुल उपाध्याय । 20 सितम्बर 2026 । सिएटल 


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