यदि आप
किसी से ऐसी बात करें कि
आप कितने शक्तिशाली हैं
आपकी आँखें कितनी सुंदर हैं
आपकी भुजाओं में कितना दम है
आपके कान के तो क्या ही कहने
आपकी गर्दन तो बस देखते ही बनती है
और याद है
आपने उस दुश्मन को कैसे पछाड़ा था? उस बाहुबली को कैसे मारा था?
उस दिन के तो क्या ही कहने
आप अकेले ने दस-दस को गिराया था
तो इसे तलवे चाटना कहा जाएगा
लेकिन यदि ऐसे ही
किसी मूर्ति से बात की जाए
और भाषा
संस्कृत या अवधी हो
तो उसे
स्तुति कहा जाता है
राहुल उपाध्याय । 8 सितम्बर 2026 । सिएटल

3 comments:
सुंदर
और ऐसी स्तुति करने के लिए दिल में चाहिये ढेर सारा सम्मान और प्रेम उसके लिए, जो सामने से जवाब भी नहीं देता, पर बिन बोले ही बहुत कुछ दे देता है
बहुत सुंदर
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