Tuesday, January 3, 2023

आओ हम मिल के नया इक संसार रचें


आओ हम मिल के नया इक संसार रचें 

जो भी आए उसे जी भर के हम प्यार करें


कब कहाँ ख़ुद से भला किसने ख़ुशी पाई है 

एक साथी की ज़रूरत हम सबको आई है

साथ में सब हो तो सब सबका ख़्याल रखें


एक दूजे के, हर तरीक़े से, हम काम आएँ

कोई संकट हो, हाथ छोड़े ना, सदा पास जाएँ

फ़ासले दिल के न हों, घटते हर बार रहें


साँस टूटे ना, आग भड़के ना, हर तरफ़ हो अमन

रंग हज़ारों से, चाँद सितारों से, हाँ भरा हो चमन

साथ में सबको लेकर हम सदा साथ चलें 


राहुल उपाध्याय । 3 जनवरी 2023 । बयाना


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1 comments:

Sudha Devrani said...

बहुत सुन्दर रचना ।