Friday, March 24, 2023

यूँ हसरतों की आग में न ख़ुद को झोंकिये

यूँ हसरतों की आग में न ख़ुद को झोंकिये 

कुछ तो शर्म कीजिए, कुछ तो सोचिए 


नौ बरस के बाद चली ये कैसी चाल है?

गिरेबां में झांक के कभी खुद को देखिए


अच्छे-भले हैं आदमी, प्रशासन भी ठीक है

विपक्ष को डरा के क्यूँ चुनाव जीतिए?


आगे-आगे हैं आपसे उम्मीद हज़ार और

ऐसे-वैसे ये काम कर भरोसा न तोड़िए 


राहुल उपाध्याय । 24 मार्च 2023 । सिएटल 


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