Thursday, June 9, 2022

तराने लिखें हैं बहारों के नाम

तराने लिखें हैं बहारों के नाम

बहारों की ख़ुशियाँ बहारों के नाम 


ये तराने नहीं हैं, तराने हैं नाम

अंधेरों में लौ सा करते हैं काम


बात अपनी मैं कहूँ या 

गीत गाऊँ प्रेम के

सात सुर और आठ धुन में 

भाव अपने गूँथ के

अनोखा है संगम

अनोखा ये धाम


डबडबाती आँख कोई 

देख ले जब आँख तो

हाथ रख कर सर पे उसके 

आस दे प्यार से

जीवन का ये असली

असली है काम


राहुल उपाध्याय । 9 जून 2022 । सिएटल 


https://youtu.be/MgYa9jFoJ4M




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