Friday, September 4, 2026

वफ़ादारी

वफ़ादारी 

सभ्यता की निशानी है 

या ग़ुलामी की 


नहीं जानता


पर इतना ज़रूर है 

कि वफ़ादार 

एक किरायेदार है 

जिसे मकान मालिक 

कभी भी निकाल सकता है 

किराया बढ़ा सकता है 

यहाँ यह मत करो 

वहाँ ये मत करो 

इतनी बजे बाद यह मत किया करो 

50 प्रतिबंध लगा सकता है 


कौन तुमसे मिल सकता है 

कौन नहीं 

सब वह तय करता है 


राहुल उपाध्याय । 4 सितम्बर 2026 । सिएटल 




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3 comments:

Digvijay Agrawal said...

व्वाहहहह
वंदन

Anita said...

मकान बनाया है उसने खून-पसीना बहाकर, अब इतना तो हक़ बनता है न उसका

शुभा said...

वाह! बहुत खूब ..मजबूरी है किराएदारों की...