वफ़ादारी
सभ्यता की निशानी है
या ग़ुलामी की
नहीं जानता
पर इतना ज़रूर है
कि वफ़ादार
एक किरायेदार है
जिसे मकान मालिक
कभी भी निकाल सकता है
किराया बढ़ा सकता है
यहाँ यह मत करो
वहाँ ये मत करो
इतनी बजे बाद यह मत किया करो
50 प्रतिबंध लगा सकता है
कौन तुमसे मिल सकता है
कौन नहीं
सब वह तय करता है
राहुल उपाध्याय । 4 सितम्बर 2026 । सिएटल

3 comments:
व्वाहहहह
वंदन
मकान बनाया है उसने खून-पसीना बहाकर, अब इतना तो हक़ बनता है न उसका
वाह! बहुत खूब ..मजबूरी है किराएदारों की...
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