बहार आई दहलीज़ तक मेरी
Tuesday, November 25, 2014
वो बारह प्राणी
Posted by Rahul Upadhyaya at 8:05 AM
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Labels: intense
Saturday, November 22, 2014
रामपाल जैसे कई स्वामी पकड़वाने हैं
रामपाल जैसे कई स्वामी पकड़वाने हैं
कितनी चतुराई है इन बाबाओं में
पढ़े-लिखे भी लट्टू हो जाए
लाखों-करोड़ों का धन दे-दे के
सोने-चाँदी के महल बनवाए
आश्रम कहलाए जहाँ ऐ-सी पाखाने हैं
नित्यानंद, निर्मल हो या हो रोमपद स्वामी कोई
नेक नहीं लगते इनके इरादे हैं
जब-जब भीड़-भाड़ इकट्ठा करते हैं
धन जोड़ने के हथकण्डे अपनाते हैं
रास्ते बाबाओं के अब जाने हैं
इक धक्का सा लगा है भक्तों को
जैसे-जैसे सच सामने आए हैं
जिनको सद्गुरू समझा था इनने
धर्म के सौदागर नज़र आए हैं
अधर्मियों को अब सबक़ सिखलाने हैं
(कैफ़ी आज़मी से क्षमायाचना सहित)
Posted by Rahul Upadhyaya at 7:06 PM
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Labels: news
Sunday, November 16, 2014
न तुम होते, न हम होते
न तुम होते, न हम होते
Posted by Rahul Upadhyaya at 6:56 PM
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Labels: misc
Saturday, November 15, 2014
बरस बीते, जीवन बीता
Posted by Rahul Upadhyaya at 1:20 PM
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Labels: intense
Tuesday, November 11, 2014
होता सु-नाता तो सुनाता कोई
लोरी गाकर सुलाता कोई
तान छेड़े, ताने न मारे
ऐसे मुझे अपनाता कोई
मेहंदी लगे हाथों की खुशबू
सूंघ लेता मैं जो बू लाता कोई
न ग़म होता, न ग़मी होती
हँसता कोई, हँसाता कोई
तलो तले मेले में आज
गोदी में यूँ तुतलाता कोई
11 नवम्बर 2014
सिएटल । 513-341-6798
Posted by Rahul Upadhyaya at 9:37 PM
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Labels: memories
छू लेने दो मोदीजी के चरणों को
कुछ और नहीं भगवान हैं ये
भाजपा के ही नहीं ये नेता हैं
पूरे भारत की शान हैं ये
ख़बरों को पढ़ के न भ्रमित होना
इनमें कहीं कोई खोट नहीं
इन जैसा नहीं कोई दानी है
कर देते सब कुछ दान हैं ये
अच्छों को बुरा साबित करना
राहुल की पुरानी आदत है
इसकी कविता में कोई दम नहीं
कहते बड़े-बड़े विद्वान हैं ये
(साहिर से क्षमायाचना सहित)
11 नवम्बर 2014
सिएटल । 513-341-6798
Posted by Rahul Upadhyaya at 9:02 PM
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Sunday, November 9, 2014
छू लेने दो मोदीजी को झाड़ू
कुछ और नहीं हैं नाटककार हैं ये
इन महाशय को हमने चुना है
चूना लगाने के हक़दार हैं ये
गुंडों को नेता बनाना
वोटर की पुरानी आदत है
मोदीजी को भी न संत समझ
माना कि नहीं गुनहगार हैं ये
मत पा के हुए ये मतवाले
मस्ती का नज़ारा तुम देखो
भेड़ और बकरी की टोली है
कहते जिसे सरकार हैं ये
(साहिर से क्षमायाचना सहित)
9 नवम्बर 2014
सिएटल । 513-341-6798
Posted by Rahul Upadhyaya at 10:02 PM
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