Wednesday, May 7, 2008

मैं अपनी माँ से दूर

मैं अपनी माँ से दूर अमेरिका में रहता हूँ
बहुत खुश हूँ यहाँ मैं उससे कहता हूँ

हर हफ़्ते
मैं उसका हाल पूछता हूँ
और अपना हाल सुनाता हूँ

सुनो माँ,
कुछ दिन पहले
हम ग्राँड केन्यन गए थे
कुछ दिन बाद
हम विक्टोरिया-वेन्कूवर जाएगें
दिसम्बर में हम केन्कून गए थे
और जून में माउंट रेनियर जाने का विचार है

देखो न माँ,
ये कितना बड़ा देश है
और यहाँ देखने को कितना कुछ है
चाहे दूर हो या पास
गाड़ी उठाई और पहुँच गए
फोन घुमाया
कम्प्यूटर का बटन दबाया
और प्लेन का टिकट, होटल आदि
सब मिनटों में तैयार है

तुम आओगी न माँ
तो मैं तुम्हे भी सब दिखलाऊँगा

लेकिन
यह सच नहीं बता पाता हूँ कि
20 मील की दूरी पर रहने वालो से
मैं तुम्हें नहीं मिला पाऊँगा
क्यूंकि कहने को तो हैं मेरे दोस्त
लेकिन मैं खुद उनसे कभी-कभार ही मिल पाता हूँ

माँ खुश है कि
मैं यहाँ मंदिर भी जाता हूँ
लेकिन
मैं यह सच कहने का साहस नहीं जुटा पाता हूँ
कि मैं वहाँ पूजा नहीं
सिर्फ़ पेट-पूजा ही कर पाता हूँ

बार बार उसे जताता हूँ कि
मेरे पास एक बड़ा घर है
यार्ड है
लाँन में हरी-हरी घास है
न चिंता है
न फ़िक्र है
हर चीज मेरे पास है
लेकिन
सच नहीं बता पाता हूँ कि
मुझे किसी न किसी कमी का
हर वक्त रहता अहसास है

न काम की है दिक्कत
न ट्रैफ़िक की है झिकझिक
लेकिन हर रात
एक नए कल की
आशंका से घिर जाता हूँ
आधी रात को नींद खुलने पर
घबरा के बैठ जाता हूँ

मैं लिखता हूँ कविताएँ
लोगो को सुनाता हूँ
लेकिन
मैं यह कविता
अपनी माँ को ही नहीं सुना पाता हूँ

लोग हँसते हैं
मैं रोता हूँ

मैं अपनी माँ से दूर अमेरिका में रहता हूँ
बहुत खुश हूँ यहाँ मैं उससे कहता हूँ

सिएटल,
7 मई 2008

गाईड

बनने चला था कवि
मैं 'गाईड' बन गया हूँ
बेसहारा बेबस की
मैं 'राईड' बन गया हूँ

न बुद्धिजीवों में 'हिट' हूँ
न किसी फ़्रेम में मैं 'फ़िट' हूँ
विरोध तो होता है लेकिन
मैं भी बड़ा ढीट हूँ
सास भी जिस से डरे
मैं वो 'ब्राईड' बन गया हूँ

जिस थाली में खाता हूँ
उसी में छेद कर रहा हूँ
सदियों पुरानी मान्यताओं
में हस्तक्षेप कर रहा हूँ
आरोप है कि अंधो के बीच
मैं 'वन-आईड' बन गया हूँ

शब्दों से खेलता हूँ
सब की पोल खोलता हूँ
किसी को नहीं बख्शा है
खुद को भी टटोलता हूँ
समाज की गंदगी का
मैं 'टाईड' बन गया हूँ

पढ़ते हैं वो देशवासी
जो दूर हैं अपने देश से
कभी खुश हैं तो कभी दुखी
अपने कर्म से परिवेश से
उनकी भावनाओं का
मैं 'प्राईड' बन गया हूँ

सिएटल,
7 मई 2008
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गाईड = guide
राईड = ride, lift, a means of or arrangement for transportation by motor vehicle:
हिट = hit
फ़्रेम = frame
फ़िट = fit
ढीट = stubborn
ब्राईड = bride
वन-आईड = one eyed, काना,
बख्शा = spared
टाईड = Tide, a popular laundry detergent
परिवेश = environment
प्राईड = pride

Monday, May 5, 2008

कोई अपना

न होती कभी क्रांति अगर यह कर नहीं होता
शासन का अर्थ तो यह कर वह कर नहीं होता

आँखों ही आँखों में हो जाती हैं बातें
कोई पराया अपना कह कर नहीं होता


न जाने कब कैसे बदल जाते हैं लोग
कोई अपना पराया कह कर नहीं होता

इतना भी ग़म न करो बिछड़ने का यारों
प्यार का अहसास साथ रह कर नहीं होता

बूंद-बूंद बचाने से ही भरता है घड़ा
समंदर भी समंदर बह कर नहीं होता

चीखों, चिल्लाओं, थोड़ा हंगामा करो
कोई मसीहा कभी दर्द सह कर नहीं होता


सिएटल,
5 मई 2008
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क्रांति = American revolution of 1775-1783,
यह कर = this tax
यह कर, वह कर = do this, do that
मसीहा = a zealous leader of some cause

Friday, May 2, 2008

अनवरत चक्र

मैं हर पल चलायमान हूँ

निर्धारित गति से
निर्धारित दिशा में
हर पल
चलता ही रहता हूँ

मेरे चलने से
दुनिया के कई फ़ायदे हैं
मुझसे ही बंधे
इसके नियम कायदे हैं

मेरे चलने से
मेरा खुद का कोई फ़ायदा नहीं है
घूम-फिर कर
मैं वहीं लौट जाता हूँ
जहाँ से मैं पहले कभी चला था

घड़ी की एक सुई की तरह

फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि
सेकंड को लगता है एक मिनट
और मुझे लगता है एक जीवन

सेकंड की सुई की तरह
मेरे ईर्द-गिर्द नम्बर
घटते-बढ़ते रहते हैं
लेकिन मेरा अस्तित्व
जैसे का तैसा रहता है
उपर-नीचे इधर-उधर
घूमने का क्रम बना रहता है

कहते हैं कि
कर्म के बदलने से
क्रम बदल सकते हैं
इस अनवरत चक्र से
बच के निकल सकते हैं

देख रहा हूँ पृथ्वी को
एक अरसा हो गया है
और उसके कर्म नहीं बदले हैं
365 दिन बाद
पहुँचती है ठीक वहीं
जहाँ से वो चली थी

अगर
गति इसने बदली
कर्म इसने बदले
क्रम इसका बदला
तो
अनर्थ हो जाएगा
तहस-नहस हो जाएगा
सब कुछ नष्ट हो जाएगा

लेकिन ध्यान से सोचो तो
उसी में मेरी मुक्ति है

पृथ्वी की सुनिश्चित गति
हमारी कामनाओं का फल है
हम माया के वशीभूत
इसकी सुरक्षा की कामना करते है
जब तक घर है
हम घर से बंधे रहते हैं
घर छूटते ही
मुक्त हम हो जाएगे

सिएटल,
2 मई 2008

बंजर

बंजर है
यहाँ की भूमि
जहाँ कोई बीज
अंकुरित नहीं होता है
विश्व के कोने-कोने से
खिले-खिलाए फूल
ग्रीन कार्ड के बदले
तोड़ के लगा दिए जाते हैं
अपने बाग-बगीचों से
अलग कर दिए जाते हैं


शो-पीस है
यहाँ का किचन
जहाँ कोई पकवान नहीं पकता है
सब बनता है और कहीं
सिर्फ़ गर्म यहाँ हुआ करता है

दिग्भ्रमित है
यहाँ की जनता
जिनका अपना न कोई मत होता है
गिने-चुने टी-वी चैनल्स
की मन-मरजी से ही
सब कुछ यहाँ होता है

पीड़ित है
यहाँ की नई पीढ़ी
टी-बी से नहीं
टी-वी से
एल-एस-डी से नहीं
एल-सी-डी से
दिन-रात जिनका
स्क्रीन से रिश्ता बना रहता है

वंचित है
यहाँ के वृद्ध
स्वयं अपने ही परिवार से
मिलने चाहिए जिनसे संस्कार
मारे-मारे फिरते हैं वो बेकार से

क्लबनुमा हैं
यहाँ के धर्मस्थल
जहाँ न मिलता है ईश्वर
और न मिलता है ईश्वर का बंदा
होते हैं चंद भाषण
और एकत्रित किया जाता है चंदा

श्रमप्रधान है
यहाँ का जीवन
जहाँ हर काम की है कीमत
और हर मिनट पैसा बनता है
लेकिन कर्मचारी फिर भी
उधारी में जा कर फ़ंसता है

संदिग्ध है
यहाँ का विकास
जो एक तरफ़ तो
छूना चाहता है आकाश को
और दूसरी तरफ़
अग्रसर है पाताल को

अनिश्चित है
यहाँ का भविष्य
जहाँ तीव्र-गति से जीवन चलता है
लेकिन रेंगती है आत्मा
जहाँ नि:शब्द हर कोई रहता है
लेकिन शांति को फिर भी
तलाशता ही रहता है

सिएटल,
2 मई 2008
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Glossary:
टी-बी = Tuberculosis of the lungs, characterized by the coughing up of mucus and sputum, fever, weight loss, and chest pain.

एल-एस-डी = LSD, a crystalline solid, C20H25N3O, the diethyl amide of lysergic acid, a powerful psychedelic drug that produces temporary hallucinations and a schizophrenic psychotic state

एल-सी-डी = LCD, liquid-crystal display: a method of displaying readings continuously, as on digital watches, portable computers, and calculators, using a liquid-crystal film, sealed between glass plates, that changes its optical properties when a voltage is applied.

Thursday, May 1, 2008

दोस्त दोस्त ना रहा

(ओबामा अपने धर्मगुरु पर नाराज़ के संदर्भ में ओबामा को मतदाताओं का संदेश)

दोस्त दोस्त ना रहा
प्यार प्यार ना रहा
ओबामा हमें तेरा
ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा

सत्ता के लोभ में
गुरु को छोड़ के चल दिए
अपने उसूल
अपनी जड़ को तोड़ के चल दिए
मुखौटे नकली चढ़ गए
असली किरदार ना रहा
ओबामा हमें तेरा
ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा

तुमने बदलाव लाने के
सपने हमें दिखाए थे
खुद इतने बदल जाओगे
सोच नहीं हम पाए थे
तुम्हे देने लायक
अब उपहार ना रहा
ओबामा हमें तेरा
ऐतबार ना रहा, ऐतबार ना रहा

सिएटल,
1 मई 2008
(शैलेंद्र से क्षमायाचना सहित)
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Glossary:
ओबामा = Obama
ऐतबार = trust
सत्ता = power
लोभ = greed
उसूल = principles
जड़ = roots
मुखौटे = masks
किरदार = character
बदलाव = change
बदल = turncoat
उपहार = gift

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे

(ओबामा अपने धर्मगुरु पर नाराज़ के संदर्भ में धर्मगुरु की ओर से ओबामा को संदेश)

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे
तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे
तब तुम मेरे पास आना ओबामा
मेरा चर्च खुला है खुला ही रहेगा
तुम्हारे लिये, कोई जब ...

अभी तुमको मेरी ज़रूरत नहीं
बहुत सलाहकार मिल जाएंगे
अभी मीडिया के डार्लिंग हो तुम
आर्टिकल जितने चाहोगे लिख जाएंगे
दर्पण तुम्हें जब डराने लगे
वोटर्स भी हाथ से जाने लगे
तब तुम मेरे पास आना ओबामा
मेरा दिल बड़ा है, बड़ा ही रहेगा
तुम्हारे लिये, कोई जब ..
.
कोई तकरार होती नहीं गुरु-शिष्य में
मगर झगड़ा तुमने कर ही लिया
पोल्स में नम्बर जो गिरे ज़रा
नाता जो था तुमने तोड़ ही दिया
जब अपनी नज़र में ही गिरने लगो
अंधेरों में अपने ही घिरने लगो
तब तुम मेरे पास आना ओबामा
ये दीपक जला है जला ही रहेगा
तुम्हारे लिये, कोई जब ...

सिएटल,
1 मई 2008
(इंदीवर से क्षमायाचना सहित)
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Glossary:
ओबामा = Obama
मीडिया = media

डार्लिंग = darling
आर्टिकल = article
दर्पण = mirror
वोटर्स = voters
पोल्स = polls