Monday, August 22, 2022

ग़म बहुत बिकता है

मैंने देशभक्ति पर गीत लिखा 

जवाब आया 

बहुत देर हो गई

पन्द्रह अगस्त निकल गया


मैंने कृष्ण भजन लिखा 

जवाब आया 

बहुत देर हो गई

जन्माष्टमी निकल गई


मैंने दुख भरा गीत लिखा 

जवाब आया 

ये हुई न बात

मज़ा आ गया

तुम भी ख़ुश

हम भी ख़ुश 

वे भी ख़ुश 

ग़म बहुत बिकता है

पूरे साल बिकता है


राहुल उपाध्याय । 22 अगस्त 2022 । सिएटल 




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