Monday, August 29, 2022

पछतावा

कैसे दिन आ गए हैं 

कि हमें किसी के दुख से

सुख मिलता है 

और सुखी को

दुखी करने में मज़ा आता है 

और उस पर यह कहने की हिमाक़त कि

सर्वे भवन्तु सुखिन:


अरे रोज़-रोज़ 

व्हाट्सएप पर इतना ज्ञान बघारनेवालों 

कुछ पछतावे के लिए भी 

समय निकाल लिया करो


राहुल उपाध्याय । 29 अगस्त 2022 । सिएटल 




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