Monday, June 12, 2023

कम-कम हों ग़म-वम

कम-कम हों ग़म-वम

सरस-सरल बन जाएँ हम

खिले प्यार इस जीवन में

करें हम वो करम


यही एक गम है

दिल को जो तोड़े

अपना ये सारा

दम-ख़म निचोड़े 

आओ करें ग़म ख़तम


अपने नहीं हैं

ग़म-वम हैं जो भी

इनकी जलाएँ 

हर रोज़ होली

जैसे-तैसे हों भसम 


राहुल-अनीता । 11 जून 2023 । सिएटल-शंघाई


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