Monday, June 19, 2023

दस घंटे

दस घंटे

बहुत ज़्यादा हैं 

किसी से जवाब की प्रतीक्षा हो तो


दस घंटे 

बहुत कम हैं

जब ख़ुद को कुछ कर के देना हो


बैलगाड़ी से

सैलाना से शिवगढ़ जाते वक्त 

कभी सोचा नहीं था कि कोई

दस घंटे लगातार चल सकता है 

और उन दस घंटों में सिएटल से 

फ्रेंकफर्ट पहुँचा सकता है 

बिना पलक झपके 


दस घंटे काफ़ी हैं 

ऊबने के लिए

खीजने के लिए

थकने के लिए

तीन फिल्म देखने के लिए 

दो बार भोजन के लिए

कई ग्लास पानी 

और जूस पीने के लिए


हमें और आराम चाहिए 

बिस्तर चाहिए 

शावर चाहिए 

लाइनें हटे

तुरंत निकले

तुरंत भागे


बैलगाड़ी बैलगाड़ी है

घर घर है


राहुल उपाध्याय । 19 जून 2023 । फ्रेंकफर्ट






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